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वृद्धि और विकास में अंतर

वृद्धिएवंविकासमेंअंतर :

वृद्धि करने या होने का अर्थ संख्या या आकार में बढ़ना है, जबकि विकास का अर्थ किसी की क्षमता व ज़रूरतों को पूरा करने की ललक को बढ़ाने के साथ ही उनकी आवश्यकताओं को विधिक बनाना भी है, जो की मात्र उनसे संबंधित ना होकर सभी के लिए हो.

आर्थिकवृद्धिएवंआर्थिकविकासमेंअंतर :

आर्थिक वृद्धि का अर्थ राष्ट्र के निर्गत में वास्तविक वृद्धि है जो कि संसाधनों की प्रतिष्ठा व संख्या में बढ़ोतरी के साथ तकनीकी वृद्धि तथा आर्थिक दृष्टि से दिए जाने वाले प्रत्येक भाग के सेवा मे वृद्धि होना है. आर्थिक वृद्धि का आकलन देश के सकल घरेलू उत्पाद से लगाया जाता है.

आर्थिक विकास एक नियामक तथ्य है, जो की लोगो के नैतिकता की मानसिक स्तर के ढाँचे में उपस्थित रहता है. आर्थिक वृद्धि अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को संकलित नही करता. अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को काले धन के रूप में भी जाना जाता है जो की गैर दर्ज की गयी गतिविधियों का परिणाम होती है. विकास उन लोगो को उचित रोज़गार के साधन व आवास उपलब्ध कराना है जो की निम्न स्तर का जीवन यापन कर रहे हैं.

आर्थिक वृद्धि प्राकृतिक रूप से होने वेल ह्रास जैसे संकुलन, प्रदूषण व रोग में रूचि नहीं रखता. जबकि दूसरी ओर विकास का सीधा संबंध संवाहनीयता से है जिसमें की वर्तमान की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ ही भविष्य के आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाता है.

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